एक गॉव में दो भाई सबसे बडे मूर्ख
गाडी को बहुत बोझ लग रहा है|
एक बार की बात है कि घर मे आटा खत्म हो गया था तो दोनों भाई गैहूं पिसवाने के लिए शहर जाना था लेकिन उनके पास कोई साधन ना होने के कारण वे पडोसी के पास मोटर साइकल मांगने गए
रामलखन जी! घर पर हो क्या ?
हॉ कहो भाई
तो उन दोनों ने अपनी बात बताई तो पडोसी ने कहा कि भाई गाडी तो ले जाआे लेकिन टायर मे हवा कम है तो अधिक बजन मत ले जाना !
तब दोनों भाई मोटर साइकल से गैहूं का कट्टा ले जा रहे थे तब रास्ते मे एक भाई ने कट्टे को सिर रख लिया रास्ते मे एक राहगीर ने कहा अरे सुनते हो ---
तब भाई ने गाडी रोकी तब. राहगीर ने पूछा कि तुम इस कट्टे को सिर पर क्यों रखे हो
भाई ने कहा - गाडी को वजन ना लगे इसीलिये मेने कट्टे को सिर पर रख लिया है|
हा हा ही ही हू हू हा
रामपुर गांव में दो भाई रहते थे वे कुछ काम नहीं करते थे वो बहुत ही बड़े मुर्ख भी थे इक दिन की बात है कि छोटे भाई ने बड़े भाई से कहा की भाई कइयों न हम कुछ काम करे ।
बड़े भाई ने कहा की हमको खेती सिवाय कुछ आता ही नहीं है और खेती के लिए तो जमीन चाहिए तब छोटे भाई ने कहा कि कितनी जमीन डांग में पड़ी है उसे ही जोत लेंगे भाई लेकिन बैल कहाँ से लाएंगे ------
अरे यार मंडी में कितने सांड घुम रहे है किसी अच्छे से को पकड़ लेंगे
भाई फिर फसल कौन सी लगाएंगे ---------------
गन्ना लगाएंगे अच्छी आमंदनी होगी हाँ भाई हाँ . . . . . . . . . . . . .
लेकिन भाई यदि गांव वाले गन्ने खा गए तो,,,,,,,,,,,,,,,,
हाँ , पहले गांव वालों से को देख लेते है
उन भाइयो ने एक -एक लठ लेकर गांव में पहुचे और मरते हुए कहने लगे "और खाओगे गन्ना , और खाओगे गन्ना ।
तब गांव वालों ने कहा भाई हमने कौन सा गन्ना खा लिया
अरे जो हम डांग में लगाएंगे
पहले लगा तो लो ।
बस ये कहानी हम जैसे समझदार लोगों के जीवन में घट रही है कइयों हम लोग किसी बजह के बिना कइयों लड़ रहे है जबकि लड़ाई का कोई अस्तित्व ही नहीं है
हम जिस दिन अपना आज को संभार ने लग जायेंगे तो कल अच्छा ही होगा तो आज खुश रहे और आज सभी से प्रेम करें अच्छी सभ्य वाणी का प्रयोग करे किसी के दिल को ठेस न पहुचाये ।
गाडी को बहुत बोझ लग रहा है|
एक बार की बात है कि घर मे आटा खत्म हो गया था तो दोनों भाई गैहूं पिसवाने के लिए शहर जाना था लेकिन उनके पास कोई साधन ना होने के कारण वे पडोसी के पास मोटर साइकल मांगने गए
रामलखन जी! घर पर हो क्या ?
हॉ कहो भाई
तो उन दोनों ने अपनी बात बताई तो पडोसी ने कहा कि भाई गाडी तो ले जाआे लेकिन टायर मे हवा कम है तो अधिक बजन मत ले जाना !
तब दोनों भाई मोटर साइकल से गैहूं का कट्टा ले जा रहे थे तब रास्ते मे एक भाई ने कट्टे को सिर रख लिया रास्ते मे एक राहगीर ने कहा अरे सुनते हो ---
तब भाई ने गाडी रोकी तब. राहगीर ने पूछा कि तुम इस कट्टे को सिर पर क्यों रखे हो
भाई ने कहा - गाडी को वजन ना लगे इसीलिये मेने कट्टे को सिर पर रख लिया है|
हा हा ही ही हू हू हा
दोस्तों आप ने देखा की ए भाई कितने बड़े मूर्ख थे ऐसे ही दो कामचोर मूर्खो की कहानी हूँ
रामपुर गांव में दो भाई रहते थे वे कुछ काम नहीं करते थे वो बहुत ही बड़े मुर्ख भी थे इक दिन की बात है कि छोटे भाई ने बड़े भाई से कहा की भाई कइयों न हम कुछ काम करे ।
बड़े भाई ने कहा की हमको खेती सिवाय कुछ आता ही नहीं है और खेती के लिए तो जमीन चाहिए तब छोटे भाई ने कहा कि कितनी जमीन डांग में पड़ी है उसे ही जोत लेंगे भाई लेकिन बैल कहाँ से लाएंगे ------
अरे यार मंडी में कितने सांड घुम रहे है किसी अच्छे से को पकड़ लेंगे
भाई फिर फसल कौन सी लगाएंगे ---------------
गन्ना लगाएंगे अच्छी आमंदनी होगी हाँ भाई हाँ . . . . . . . . . . . . .
लेकिन भाई यदि गांव वाले गन्ने खा गए तो,,,,,,,,,,,,,,,,
हाँ , पहले गांव वालों से को देख लेते है
उन भाइयो ने एक -एक लठ लेकर गांव में पहुचे और मरते हुए कहने लगे "और खाओगे गन्ना , और खाओगे गन्ना ।
तब गांव वालों ने कहा भाई हमने कौन सा गन्ना खा लिया
अरे जो हम डांग में लगाएंगे
पहले लगा तो लो ।
बस ये कहानी हम जैसे समझदार लोगों के जीवन में घट रही है कइयों हम लोग किसी बजह के बिना कइयों लड़ रहे है जबकि लड़ाई का कोई अस्तित्व ही नहीं है
हम जिस दिन अपना आज को संभार ने लग जायेंगे तो कल अच्छा ही होगा तो आज खुश रहे और आज सभी से प्रेम करें अच्छी सभ्य वाणी का प्रयोग करे किसी के दिल को ठेस न पहुचाये ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें